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अमानत में खयानत करने वाले को 3 माह का सश्रम कारावास

alt = "3 months rigorous imprisonment for abuser"

नीमच। एम. ऐ. देहलवी, प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा एक आरोपी को कुर्क संपत्ति को न्यायालय में पेश करने का नोटिस देने के बावजूद कुर्क संपत्ति को न्यायालय में पेश नही करके अमानत में खयानत करने के आरोप का दोषी पाकर 3 माह के सश्रम कारावास एवं 2,000रू. जुर्माने से दण्डित किया।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी खेमराज व सुंदरलाल के बीच चले सिविल वाद में न्यायालय में सुंदरलाल के पक्ष में 3,05,350रू. की डिक्री पारित की थी। सुंदरलाल द्वारा 3,05,350रू. की वसूली के लिए वर्ष 2012 में बजावरी प्रकरण लगाया, जिसमें न्यायालय द्वारा कुर्की वारण्ट जारी किया गया, जिसकी वसूली के लिए न्यायालय का कर्मचारी आरोपी के ग्राम पिपलिया चारण गया, जहा से आरोपी द्वारा रूपये न दिये जाने पर उससे दो भैंस व अन्य संपत्ति को कुर्क कर, आरोपी को इस शर्त के साथ सुपुर्दगी पर दिया की जब भी न्यायालय आदेश करेगा उसे वह न्यायालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद न्यायालय द्वारा नोटिस दिये जाने पर भी आरोपी द्वारा संपत्ति को न्यायालय में प्रस्तुत नही करने पर उसके विरूद्ध पुलिस थाना नीमच सिटी में अपराध क्रमांक 540/18, धारा 406 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

विवेक सोमानी, ए.डी.पी.ओ. द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में संपत्ति कुर्क करने वाले व नोटिस तामिल करने वाले न्यायालय के कर्मचारियों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि न्यायालय का आदेश नही मानकर अमानत में खयानत करने वाले आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री एम. ऐ. देहलवी, प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा आरोपी खेमराज पिता भूवानीराम रावत, उम्र-65 वर्ष, निवासी-पिपलिया चारण, जिला नीमच को धारा 406 भादवि (अमानत में खयानत करना) में 3 माह का सश्रम कारावास एवं 2,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की और से पैरवी विवेक सोमानी, एडीपीओ द्वारा की गई।

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