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गृहवास में हुई भारतीय शिक्षण मण्डल के मालवा प्रांत कार्यकर्ताओं की बैठक

Bhartiya Shikshan Mandal

उज्जैन। भारतीय शिक्षण मण्डल, मालवा प्रांत के प्रांत स्तरीय दायित्ववान कार्यकर्ताओं की बैठक Zoom App पर दिनांक 23 मई 2020 को अखिल भारतीय शालेय प्रकल्प के राष्ट्रीय सह प्रमुख एवं मालवा प्रांत के पालक अधिकारी मदन खत्री की उपस्थिति में आहूत की गई। निशांतं शर्मा ने संगठन मंत्र एवं डॉ सुधीरं जैन ने संगठन गीत से बैठक की शुरुआत की। चर्चा के बिंदु इस प्रकार रहे-

हम भारतीय शिक्षण मण्डल के कार्यकर्ता लॉकडाउन एक नेगेटिव शब्द की जगह गृहवास पॉजिटिव शब्द का प्रयोग करते हैं क्योंकि लॉकडाउन का मतलब है सब बंद हो जाना, गृहवास शब्द का अर्थ घर में सबके साथ रहना, यह शब्द सकारात्मकता को दर्शाता है।

संगठन में हम तीन प्रकार से काम करते हैं (1) संपर्क, (2) प्रवास, (3) अध्ययन, लेखन, गतिविधियां।

सम्पर्क-

इसके अंतर्गत हम सघन सम्पर्क द्वारा नए लोगों से संपर्क करके अपने संगठन की मूल भावना नए लोगों तक पहुंचाना चाहिये। संगठन में न्यूनतम 100 मेंबर होने पर कार्यकारिणी का गठन हो सकता है अतः हमें प्रयास पूर्वक प्रांत के सभी जिलों व विश्व विद्यालयों में शीघ्र ही उचित सदस्यता करके कार्यकारिणी का गठन करना है ।

मण्डल हमारे संगठन के विस्तार एवं सुद्रढीकरण का मुख्य आधार है। वैश्विक महामारी में गृहवास के चलते हमे अपने अधिकतम सामर्थ्य का उपयोग कर श्रेष्ठ प्रयासों से प्रांत के सभी जिलों अधिक से अधिक डिजिटल मंडल संचालित करने हैं। अतः राष्ट्रीय स्तर, प्रांतीय स्तर तथा जिला स्तर के प्रत्येक कार्यकर्ता बन्धु भगिनी को प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक व्यक्तिगत डिजिटल मण्डल का संचालन अनिवार्य रूप से करना है ।

प्रत्येक मंडल में कम से कम चार व अधिक बारह संख्या हो जिसमें एक हम कार्यकर्ता और शेष सभी संगठन के लिए नये समाज के श्रेष्ठ जन सम्भागी रहे। मण्डल प्रत्येक सप्ताह में निश्चित दिन, निश्चित समय पर, निश्चित सम्भागियों द्वारा सतत संचालित हो। प्रत्येक मण्डल में नये कार्यकर्ता बन्धु भगिनी को मंडल संयोजक व सहसंयोजक का दायित्व देना है तथा हमे मण्डल सदस्य रहना है । प्रत्येक मण्डल में प्राप्त सुझावों का सोफ्ट एवं हार्ड कॉपी में अभिलेखन किया जावे व कार्यालय में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। संगठन्र की सभी सात गतिविधियों एवं चार विभागों के सहयोग व संवर्धन हेतु प्रांत कार्यकारिणी के प्रत्येक कार्यकर्ता को यह अतिरिक्त दायित्व का निर्वहन करना् है और सभी सदस्य और प्रमुख मिलकर के अपने मंडल की सदस्य संख्या में बढ़ोतरी करना चाहिए।

प्रवास-

प्रांत स्तर के पदाधिकारियों को दो शनिवार और 2 रविवार प्रवास अर्थात् माह में चार प्रवास आवश्यक है। वर्तमान परिस्थितियों में दूरभाष से अधवा तकनीक द्वारा ऑनलाइन करना है ।

प्रत्येक मंडल की मीटिंग प्रति सप्ताह निश्चित वार, निश्चित तारीख पर, निश्चित समय में डिजिटल मीटिंग करना आवश्यक है। इस प्रकार महीने में चार बार मंडल की मीटिंग होगी।

मंडल में प्रांत के 4 से 12 सदस्य हों और 3 से 11 नए सदस्य हों। 10 मंडल का संकल्प लें जिसने स्वयं का भी एक मंडल बनाएं उसमें 12 की संख्या जरूर रखें।

अध्ययन और लेखन –

किसी भी प्रेरणास्पद किताब के प्रतिदिवस 10 पेज का स्वाध्याय और एक पेज का लेखन अवश्य करें। गतिविधियां-प्रांत स्तर के कार्यकर्ता व्यक्तिगत रूप से एक डिजिटल मंडल चलाए और एक जिला मे एक मंडल। संभवतः दोनों अलग अलग हो। किटी या गुरुद्वारे में भी मंडल संचालित कर सकते हैं, मंत्र,संगठन गीत, परिचय, खेल, अध्ययन आदि याद करने के साथ इन विषयो पर विचार कर सकते हैं (बच्चों के आचार, विचार, व्यवहार, सामाजिक बातें या दैनिक परिचर्चा या कोरोना पर चर्चा)। अभी डिजिटल मंडल पूरे देश में संचालित हो रहे हैं 1000 का संकल्प ले रखा है, मंडल का काम प्रांत स्तर पर देखने के लिए एक कार्यकर्ता प्रांत में होना चाहिए।

तीन मंडल, महिला प्रकल्पन मालवा प्रांत द्वारा अब तक संचालित हुए जिनकी डिजिटल मीटिंग महिला प्रमुख डॉ प्रेरणा मनाना द्वारा ली गई। इनके साथ एक डिजिटल मंडल मीटिंग भी़ हो रही है और 2 मंडल की योजना बना रखी है। प्रत्येक मंडल में 9 महिला सदस्यों की प्रासंगिक विषयों यथा वैश्विक महामारी के दौर में सकारात्मक कैसे रहें, वैश्विक महामारी के दौर में ऑनलाइन एजुकेशन की सार्थकता ’ऑनलाइन एजुकेशन और अभिभावकों की भूमिका पर सक्रिय भागीदारी रही। कुल 6।

डॉ. सुधीर जैन ने शोध अनुसंधान विषय लेकर तथा सत्येंद्र मिश्रा ने विश्व विद्यालय इकाई में मंडल आयोजन करवाएगे एसा कहा। व्रत संकल्प समारोह बसंत पंचमी तक हो सकता है। श्रीमती प्रभा बैरागी ने अपनी स्वाध्याय एवं लेखन गतिविधि का उल्लेख किया। हर जिले मे भा.शि.मं के काम के लिए 4-5 लोगों की एक टीम निर्माण करना। प्रांत कार्यकारिणी का नियोजन आदर्श रूप में पूरा करना चाहते हैं। बैठक में डॉ ज्योति उपाध्याय प्रांत अध्यक्ष और सचिव डॉ मनु गौरहा उपस्थित रहे।

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