You are here
Home > राज्य और शहर > कलेक्टर ने शिवना गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण में लिया भाग

कलेक्टर ने शिवना गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण में लिया भाग

सामाजिक संगठनों व कर्मचारियों से की चर्चा

मंदसौर । शिवना गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण अभियान में कलेक्टर मनोज पुष्प एवं पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी आज प्रातः पशुपतिनाथ मंदिर जाकर इस अभियान में शामिल हुए। इस गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण अभियान के प्रारंभ में कलेक्टर एवं एसपी द्वारा सभी सामाजिक संगठनों व कर्मचारियों से चर्चा की गई। सभी लोगो द्वारा अभियान के बारे में अपने-अपने विचार प्रकट किए। इस दौरान सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर को अवगत कराया गया कि पिछले वर्ष गहरीकरण का कार्य जहां तक हुआ है। उसके आगे से कार्य प्रारंभ किया जाए। यह कार्य मानसून से पहले करना उचित होगा। पशुपतिनाथ मंदिर से आगे राम घाट तक का गहरीकरण का कार्य किया जाएगा। पशुपति नाथ से किला रोड तरफ गहरीकरण का कार्य आगामी वर्ष में किए जाएंगे। लच्छो के रंग रोगन के कार्य की वजह से शिवना प्रदूषित होती हैं। इस बारे में समाज के प्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर को चर्चा के दौरान अवगत भी कराया गया। इस दौरान अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर, सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक जे के जैन, जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चौहान, पीडब्ल्यूडी विभाग, नगर पालिका विभाग, आरईएस एवं पीएमजीवाईएस के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण में समाज द्वारा दी गई दिशा के अनुसार कार्य होगा

अभियान के दौरान कलेक्टर द्वारा सभी समाज जनों से कहा कि इस अभियान में समाज जनों द्वारा जो राय प्रदान की जाएगी उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा इस अभियान को अधिक से अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी जमात जन आगे आए एवं उत्साह से इसमें भाग ले जिससे मानसून Collector Mandsaur Shivnaपूर्व इस अभियान को पूरा किया जा सके एवं कार्य के जो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं उसमें सफलता प्राप्त हो सके उन्होंने कहा कि शिवना सुंदरीकरण कार्य को नदी संरक्षण प्रोजेक्ट से जोड़ने के लिए भी भोपाल स्तर के प्रयास किए जाएंगे ।

पशुपतिनाथ मंदिर पर नदी के घाट की तरफ जगह-जगह पर डस्टबिन लगाए जाएंगे। जिससे लोग कचरा नदी में ना फेके एवं नदी प्रदूषित ना हो। शिवना के आसपास बड़े-बड़े होर्डिंग्स भी लगाए जाएंगे। जिससे लोगों को इसमें गंदगी ना डालें इसके प्रति उनके अंदर जागरूकता बड़े। उन्होंने कहा कि नदियों का बड़ा महत्व है। पहले नदियों के किनारे ही आर्थिक व्यवसाय हुआ करते थे। इन आर्थिक व्यवसायियों की वजह से ही नदी किनारे बड़े बड़े शहरों का निर्माण हुआ। नदी अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। नगर पालिका को निर्देश देते हुए कहा कि अभियान की कार्ययोजना आज ही पूरी बना कर तुरंत प्रस्तुत करें। रामघाट की तरफ डंपर जा सके, इसके लिए आज ही तुरंत रास्ता बनाएं।

Sharing is caring!

Similar Articles

Leave a Reply

Top