You are here
Home > राजस्थान > राजस्थान में कांग्रेस को फूट का डर, मुख्यमंत्री गेहलोत ने कहा-देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है

राजस्थान में कांग्रेस को फूट का डर, मुख्यमंत्री गेहलोत ने कहा-देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है

जयपुर, June 12। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और लगभग 100 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायक बीती रात जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक रिजॉर्ट में रुके। राज्यसभा चुनावों से पहले पार्टी के विधायकों को भाजपा द्वारा अपने पाले में करने के आरोपों के बीच यह कदम उठाया गया। इसी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है।

राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल की विधायकों के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद सीएम अशोक गहलोत समेत कई कांग्रेसी नेता मीडिया से मुखातिब हुए।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव दो महीने पहले हो सकते थे, लेकिन हॉर्स ट्रेडिंग पूरी न होने की वजह से से राज्यसभा चुनाव टला था। देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को कोरोना वायरस की चिंता नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि महामारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी लोकतंत्र को ध्वस्त करने में जुटी है। कोरोना काल में राजस्थान सरकार को अस्थिर करने की साजिश की गई। कोरोना से लड़ने में भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ हुई। मोदी-शाह प्रजातंत्र का चीरहरण करने की कोशिश कर रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार विधायकों को खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए रिजॉर्ट में रुकने को कहा गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को विधायकों को लालच देकर खरीदे जाने के प्रयासों का आरोप लगाया था। वह स्वयं पूरी व्यवस्था को देख रहे हैं। सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने बताया कि गुरुवार रात को 8-10 विधायक व्यक्तिगत और स्वास्थ्य कारणों से रिजॉर्ट से लौट गए थे कि वे शुक्रवार को वापस आएंगे। अन्य लगभग सभी 100 विधायकों ने बीती रात रिजॉर्ट में बिताई।

राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव 19 जून को होगा जिसके लिए कांग्रेस ने केसी वेणुगोपाल ओर नीरज डांगी को प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है वहीं, भाजपा ने शुरुआत में राजेन्द्र गहलोत को अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन पार्टी ने नामांकन के अंतिम दिन ओंकार सिंह लखावत को दूसरे प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतार कर सबको चौंका दिया।

200 सीटों की विधानसभा में कांग्रेस के पास पिछले साल बसपा पार्टी को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों सहित 107 विधायक हैं। पार्टी को राज्य में 13 में से 12 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है जबकि भाजपा के पास 72 विधायकों के साथ ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायकों का समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस के पास अपने दोनों उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त बहुमत है।

Sharing is caring!

Similar Articles

Leave a Reply

Top