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मंदसौर जिले में कोरोनावायरस को रोकने में प्रशासन से ज्यादा सामाजिक प्रयास जरूरी

कलेक्टर व एसपी द्वारा देर रात जिले के सभी धर्मगुरुओं के साथ आयोजित की गई बैठक

मंदसौर। कलेक्टर मनोज पुष्प एवं पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी द्वारा गुरूवार देर रात 10 बजे पुलिस कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में जिले के सभी धर्म गुरुओं के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उन्होंने सभी धर्मगुरुओं से आग्रह किया कि अपने अपने धर्मों में कोई भी व्यक्ति सोशल डिस्टेंस को ना तोड़े। इसके लिए जो नियम बनाए गए उनका अक्षरसः पालन करें। कानून और व्यवस्था की बजाय सामाजिक प्रयास कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए ज्यादा कारगर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन तो अपना काम करेगा, लेकिन बहुत सी ऐसी भी जानकारियां होती है। जो सामाजिक क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के माध्यम से सहज रूप से प्राप्त हो जाती है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने कहा कि लॉक डाउन के यह 12 दिन हमारे लिए बिना किसी कोरोना पॉजिटिव होने का अंतिम प्रयास नहीं है। एक-एक दिन की कीमत पूरा शहर चुका रहा है। हमारी यह तपस्या असफल ना हो इसलिए आने वाले दिनों में हमें और अधिक सावधानी से बचाव करना होगा।

बैठक में समाज द्वारा सुझाव दिया गया कि मोहल्लों और कालोनियों में जो स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, डॉक्टरों के क्लीनिक हैं। वहां से यह जानकारी आसानी से मिल सकती है, कि उस क्षेत्र में कितने लोग किसी भी बीमारी के पेशेंट हैं। और जिनका उपचार चल रहा है। बैठक में कहा गया कि कोरोना को लेकर कोई भी जानकारी यदि छुपाई जाएगी तो वह परिवार और पूरे नगर के लिए घातक साबित हो सकती है। इसलिए नगर के सभी रहवासी यदि उन्हें थोड़े से भी कोई लक्षण सर्दी जुखाम बुखार या उनके अन्य किसी रोग के हो तत्काल में अपना चेकअप कराएं। उनकी यह तत्परता उनके परिवार के लिए एक सुरक्षित ऑक्सीजन का काम करेगी। घर में यदि 5 सदस्य हैं चार सावधानी बरत रहे हैं लेकिन एक सदस्य की भी असावधानी पूरे परिवार को इस बीमारी की चपेट में ले सकती है। इससे होने वाला सर्दी जुखाम बुखार ठीक नहीं होता। इस बात की आशंका 90 फ़ीसदी रहती है कोरोना के यह लक्षण सीधे मौत की तरफ ही ले जाते हैं । इसलिए बहुत ही अधिक सावधानी आवश्यक है। बैठक में सुझाव दिया गया कि समाजों में कोटवारों के माध्यम से भी सूचना और समझाइश पहुंचाई जा सकती है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने प्रशासन से यह बात कही की, प्रशासन को सख्ती बढ़ाना चाहिए।

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