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मंदसौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में पीने के पानी की हकीकत बयां करती यह तस्वीरें

#Mandsaur District
  • भीषण गर्मी में ग्राम खजुरी आंजना मे पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर
  • पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा ग्रामीणों को
  • इन तस्वीरों को देखकर हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है

मंदसौर। जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जोगीखेड़ा के खजुरी आंजना में तीन-तीन सरकारी कुएं होने के बावजूद जिम्मेदार उदासीन ग्रामीणों की समस्या पर कोई ध्यान नही दे रहे है। पीने के पानी की समस्या का कई समय से कोई हल नही है। पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए ग्रामीणें को तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों को लगभग एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। क्षेत्र में एक तरफ आसमान से आग बरस रही है ऊपर से मंदसौर जनपद के ग्राम पंचायत जोगीखेड़ा के ग्राम खजुरी आंजना में पीने के पानी की किल्लत ने लोगो की मुसीबते बढ़ा दी है।

खजुरी आंजना के ग्रामीणों को पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है जिससे लोगो का बुरा हाल है। हर वर्ष इसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्राम पंचायत जोगीखेड़ा की ओर से केवल आश्वासन ही मिलता है कि इस बार पानी की सुविधा होगी लेकिन हर वर्ष भीषण गर्मी में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पडता है। ग्रामीण काफी परेशान हो रहे है, भरी गर्मी में कुएं से पानी खींचना खतरे से कम नही है और प्राइवेट होल या कुंअे में घंटो इंतजार करने के बाद पानी भरने का समय आता है।

क्या कहते है ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिवर्ष गर्मी के मौसम में हो रही पानी की इस समस्या का स्थाई हल निकाला जाए तथा इसके लिए जनपद व जिला स्तर पर सार्थक प्रयास हो जिससे की पानी की समस्या दूर हो सकें।

मंदसौर जनपद क्षेत्र के कई गांव में पानी की समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। आखिरकार कोरोना महामारी के इस विकट समय में पीने के पानी की समस्या का बड़ा ही खतरा है क्योंकि पानी लेने की जद्दोजहद में क्या मुंह पर मास्क और क्या सोशल डिस्टेंसिंग तथा कुओं में लटककर रस्सी से इस भरी गर्मी में पानी खींचना खतरे से खाली नही है। साथ ही भरी गर्मी में जिस गांव के ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या सता रही है तो बेजुबान जानवरो को पानी कैसे सकुशल मिल सकता है। यह सोचकर इस समस्या का स्थायी निराकरण करने का समय है।

ग्रामीणो ने बताया कि पहले तो थोड़े बोत नल भी चल रहे थे लेकिन 3 से 4 महीने हो गये वो भी पूरी तरह से बंद हो गये है जिसके चलते अब कुओं के भरोसे जीवन बिता रहे है लेकिन इतनी तेज गर्मी के चलते अब तो कुओं ने भी साथ देना छोड़ दिया है। अब 30 से 35 दिन भरी गर्मी के है वो कैसे निकलेंगे। हर साल इस गर्मी के समय मे आकर काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। वही गांव की महिलाओ को भी कुओं पर पानी भरने के लिए काफी दूर तक जाना पड़ता है जल्द ही समस्या का समाधान किया जाये।

इनका कहना

ग्रामीण महिलाएं रेशम बाई, निर्मला बाई, ललिता बाई, संगीताबाई ने बताया कि हमारे गांव मे कई सालो से ऐसी ही समस्या आ रही है। जैसे-जैसे गर्मी बढती है वैसे वैसे कुओ का पानी नीचे चला जाता है और नल भी बंद हो जाते है जिसके चलते हमे पानी के लिए काफी परेशानी आती है। गांव मे तीन-तीन सरकारी कुएँ है लेकिन उनमे भी पानी काफी नीचे चला गया है जिसके चलते काफी परेशानी हो रही है। वही ग्रामिणो ने बताया कि गर्मी से पहले तो तीनो कुओ मे पानी पर्याप्त रहता है जिससे कि समस्या का सामना नही करना पड़ता है लेकिन जेसे जेसे गर्मी बढती है वैसे वैसे गांव मे पानी की समस्या से जूझना पड़ता है और अभी वर्तमान मे तीन कुवें सरकारी है ओर नलो तक एक बूंद भी पानी नही पहुंच पाता है जल्द ही समस्या का समाधान किया जाये।

खजूरी आंजना से परमेश्वर सौलंकी की रिपोर्ट

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